
मनचीता ताप है
इन धूपीले दिनों में
जिसे चाहने पर ओढ़ना है
अनिच्छा होने पर, मुख मोड़ लेना…
भोर में खिले मयंक को देखा-अदेखा किया जाता है जैसे .
जनवरी विदा होकर ,फरवरी को सौंप गयी
लंबे पहरों की बागडोर
अलसुबह ही नीड़ में फंख फड़फड़ाकर
साँझ तक पाँव पसारे
यहाँ-वहां से अलस कर सिमटता है
उजाला अब
कैक्टस पर नूर है ,
मिर्च के पौधे में नन्हें-सफ़ेद फूल से
चमक-दमक
मैना सर्दियों की ख़ुमारी में
इन दिनों भी टपकते नल के पास
चहलकदमी करती ,भोजन तलाशती है
उसकी आंखों के गिर्द पीला काजल
लुभावना
हवा में गुड़ पकने की गंध है ,
खजूर का गुड़
गले में खराश जगाता
दूर से ही
तन,आधी धूप,आधी छांह में सुस्ताता,
मन,दामोदर किनारे मद्धम चाल से उसकी
मछलियों से बतियाता,
पानी में हाथ डाल उन्हें सहलाता
सुनता विलंबित ख़्याल कोई
इस नदी की रेत पर सुगमता से चलना दूर तक
गंगा की महीन बालू जैसे पैर उलझते नहीं
यहां मेरे
मनचीती धूप में देखना …
वसंत ,अपनी ही छाया पर
नीम की पीली पत्तियों सा
बिखरता-डोलता,विचरता रहता है
हवा के रुख़ पर
इन दिनों
चित्र-गूगल साभार
22 टिप्पणियाँ:
बहुत अच्छी प्रस्तुति!
बदलते मौसम का बहुत भावपूर्ण चित्रण..लाज़वाब अहसास...बहुत सशक्त प्रस्तुति..
बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
मन रमता ही गया आपकी रचना पढ़ कर ....चलचित्र की भाँती जी गयी आपकी रचना ....
मनचीती अभिव्यक्ति!
भावों से नाजुक शब्द......बेजोड़ भावाभियक्ति....
बहुत दिनों बाद फिर से एक अनूठे चित्र और भाव विभोर करती आपकी रचना से रूबरू होने का मौका मिला है...बहुत खूब...
नीरज
बेहतरीन भाव पूर्ण सार्थक रचना.....
खबरनामा की ओर से आभार
आपका ऋतुओं से रिश्ता...बड़ा भाता है :)
prashansneey prastuti.
"पारुल" चाँद पुखराज का --मन को विलम्बित खयाल सुना गया -- इन दिनों....
sunder!
आनन्द बिराजे अब नभ पर..
अनूठा!!
बहुत खूब!
आपकी किसी पोस्ट की चर्चा है नयी पुरानी हलचल पर कल शनिवार ११-२-२०१२ को। कृपया पधारें और अपने अनमोल विचार ज़रूर दें।
बहुत ही बढ़िया।
सादर
बहुत ही खुबसूरत
और कोमल भावो की अभिवयक्ति..
बहुत बहुत सुन्दर...
बेहतरीन लेखन..
आज से आपका खूबसूरत ब्लॉग फोलो करती हूँ..जाने कैसे अब तक नहीं आना हुआ..
शुभकामनाएँ.
बहुत सुंदर वर्णन ...
आपकी कविताओं में प्रकृति के रंग घुले रहते हैं... बहुत ही सुन्दर !
वसंत पर आपकी यह खूबसूरत रचना चिरंतन के अंक का सौंदर्य बढ़ा रही है. हार्दिक आभार !
http://sachswapna.blogspot.in
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