
बड़ी शान से आ पहुंचा है नया साल...और आते ही धो-पोंछ कर चमकाने लगा है ...फूल-पत्ती,महल-दोमहले ,गलियाँ... छप्पर , बाग़- बगीचे .
चप्पा-चप्पा बुहार कर गर्द साफ़ कर रहा है...बीते धूसर लम्हों की ...
सावन सी झड़ी लगी है .
सुनते हुए....ग़ुलाम अली को-- "सावन मेघ फुहार" .... यहाँ सहेजती भी चल रही हूँ ...चाहती हूँ .... आने वाले दिनों में बनी रहे याद ...
कि बरसते दाख़िल हुआ था ये साल
चित्र-गूगल
8 टिप्पणियाँ:
बहुत बेहतरीन........
naya saal bahut-bahut mubarak ho parul ji.
aapko bhi bahut mubarak Varsha ji
नव वर्ष की अनेका नेक शुभ कामनाएं
नीरज
very nice
aapko nav varsh par shubhkaamnayeN..
बहुत खूबसूरत... सुनवाने के लिए धन्यवाद !
Aaj phir... kai baar
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