Sunday, January 1, 2012

सावन मेघ फुहार


बड़ी शान से आ पहुंचा है नया साल...और आते ही धो-पोंछ कर चमकाने लगा है ...फूल-पत्ती,महल-दोमहले ,गलियाँ... छप्पर , बाग़- बगीचे .
चप्पा-चप्पा बुहार कर गर्द साफ़ कर रहा है...बीते धूसर लम्हों की ...
सावन सी झड़ी लगी है .
सुनते हुए....ग़ुलाम अली को-- "सावन मेघ फुहार" .... यहाँ सहेजती भी चल रही हूँ ...चाहती हूँ .... आने वाले दिनों में बनी रहे याद ...

कि बरसते दाख़िल हुआ था ये साल





चित्र-गूगल

8 टिप्पणियाँ:

Sanju said...

बहुत बेहतरीन........

varsha said...

naya saal bahut-bahut mubarak ho parul ji.

पारुल "पुखराज" said...

aapko bhi bahut mubarak Varsha ji

नीरज गोस्वामी said...

नव वर्ष की अनेका नेक शुभ कामनाएं

नीरज

मनीष सिंह निराला said...

very nice

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

aapko nav varsh par shubhkaamnayeN..

पुष्पेन्द्र वीर साहिल said...

बहुत खूबसूरत... सुनवाने के लिए धन्यवाद !

सागर said...

Aaj phir... kai baar