तालकावेरी(कावेरी उदगम स्थल ) यह स्थान बंगलोर से 252 किमी की दूरी पर कूर्ग नामक खूबसूरत जगह पर स्थित है । कूर्ग मेडिकरी जिले के ब्रह्मागिरि पहडियो में कुहासे मे लिपटा एक बेहद लुभावना पर्यटन स्थल है। कूर्ग के बारे मे पूरी एक लम्बी पोस्ट फिर कभी । आज कुछ चित्र कावेरी नदी के उदगम स्थल से…वही हमें कावेरी नदी के जन्म की छोटी सी कथा भी जानने को मिली ---
अगस्त्य मुनी की पत्नी लोपमुद्रा ने विवाह के समय मुनी से यह शर्त रखी थी कि वे उनसे कभी अलग नहीं होंगे । एक दिन मुनी कनिका नदी मे स्नान करने के उद्देश्य से पत्नी लोपमुद्रा को अकेला छोड़ कर निकल गये । पति के विछोह में लोपमुद्रा ने स्वयं को कावेरी नदी मे परिणित कर लिया व मानव जाति की भलाई के लिये मैदानों में बह चलीं ।
दुख की बात यह है कि जो नदी अपने पवित्र उदगम स्थल से मानव कल्याण के लिये उतरी,राज्यों की सीमाओं में कैद होकर आपसी मनमुटाव का कारण बनी हुई है :(
कुर्ग की पहड़ियों में खिले काडुकमल के फूल-आस-पास के लोग इन्हे जंगल का कमल पुकारते है- मै इसकी जड़ साथ लायी हूँ -खिल जाए तो :)
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पवित्र कुंड-जहाँ कावेरी का स्रोत है
कुंड से निकलकर जल सामने दूसरे चौकोर कुंड मे जाता है यहाँ लोग स्नान करते हैं(ठिठुरते हुए)
गोमुख से होता हुआ ये जल अन्तिम कुंड मे गिरता दिखता है -जहाँ से यह आगे पहाड़ियों मे बह निकलता है
इसी प्रांगण मे बहुत पुराना शिवालय भी है
कूर्ग नमी की चादर लपेटे अपने आप में एक तिलस्मी आरामगाह है जहाँ धुँध और बादल बिल्कुल नज़दीक सैरो-तफ़री करते महसूस होते हैं । इस रूमानियत को बखूबी जिया तो जा सकता है पर कैमरे की आगोश से ये अक्सर फिसल-फिसल जाए है









18 टिप्पणियाँ:
सचित्र झांकी। अवश्य ही यह स्थान उटी से आगे होगा क्योंकि वहां तक तो हम गए ही थे। कुछ बरस पहले। पर आपने दिल्ली में ही दरस करा दिए। आभार।
बहुत सुन्दर चित्र
बहुत खूबसूरत चित्र हैं और कावेरी नदी और उसके उदगम के बारे मे जानना अच्छा लगा. आपके इस पूरे यात्रा वृतांत का इंतजार रहेगा.
रामराम.
avinash jii
ooty se coorg lagbhag 220 km hona chaahiye...coorg bahut hi khuubsurat jagah hai...bheed-bhaad se alag...
CHITRO NE INHE DEKHNE KI ABHLASHA PAIDA KAR DI.
KUCHH AUR ADHIK VARNAN KIYA HOTA TO JANKARI BADHTI.
SHUKRIYA.
RAMESH SACHDEVA
DIRECTOR
HPS SR. SEC. SCHOOL,
SHERGARH, MANDI DABWALI -125104
09896081327
सुंदर चित्रों के साथ रोचक जानकारी .
तालकावेरी के चित्र तो सुन्दर हैं । कुर्गी लोगों की खूबसूरती की चर्चा भी बचपन से सुनते आ रहे हैं । उनके चित्र भी हैं ?
मनोज जी ,ताऊ जी .हर्षा जी शुक्रिया
आचार्य जी अगली पोस्ट में कोशिश रहेगी
अफलातून जी उनके पहनावे का एक चित्र है -आगे चर्चा करती हूँ
वाह वाह पारुल जी आपने हमारी सबसे प्रिय साली साहिबा के ससुराल का वर्णन कर दिया। पिछले माह की २७ वीं तारीख़ को हम वहीं पाए जाते थे खुशालनगर में । मंगलौर से मडिकेरी होते हुए हमारी बवालो याने के बोलेरो इन्वेडर से हम वहीं गए थे। जन्न्त ज़मीं पर वहाँ भी उतर ही आई थी शायद । बहुत आभार उन नज़ारों की याद दिलाने का ।
यात्रा विवरण और सचित्र झाँकी
मुझे हिन्दी ब्लोग - जगत की बहुमूल्य देन लगती है !
इँतज़ार रहेगा और लिखियेगा आप भी ..
ये बहुत पसँद आया --
स्नेह ,
- लावण्या
वाह जी वाह!! आपके साथ साथ हम भी घूम लिए. बड़ी मनोरम जगह है. सुन्दर चित्र.
बहुत सुन्दर लगी कावेरी के बारे में दी गयी जानकारी और चित्र भी.
गुलमोहर का फूल
सचित्र इतनी अच्छी जानकारी के लिये धन्यवाद
वाह पारुल जी वाह....कूर्ग के दिलकश मंज़र दिखाने के लिए आपका शुक्रिया...जो जगह केमरे में इतनी खूबसूरत है वो हकीकत में कैसी होगी अनुमान लगाना मुश्किल नहीं...
नीरज
ओह...तो ये वजह है हमसे दूर रहने की...! चलो अब टैक्स में हम सबको एक एक जगह घुमा कर लाओ यही सजा है तुम्हारी...!
तालकावेरी का सचित्र परिचय जानकर अच्छा लगा। शुक्रिया।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
ओहो तो ओर्कुट की वो धुंधली ओस में डूबी तस्वीर यहीं की है....
बहुत खूबसूरत चित्रण् हैं और कावेरी नदी और उसके उदगम का.
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