Monday, December 31, 2007

सघन बन फूले

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नव वर्ष के नव प्रभात का…
नव ऊर्जा नये विश्वास का…
अलसायी किरणों के साथ
पाँव पखारे दिनकर आज
कुसुमित मन उपवन मुस्काये
क्यारी क्यारी झूमे गाये

नव वर्ष की हार्दिक बधायी सब मित्रों को………अपने हाथों से लगाये फूलों के साथ नव वर्ष का स्वागत ………

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गुलाबी गुलाब


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क्यारी क्यारी झूमे



कैन्डी टाप