
किसी मित्र से बात हो रही थी पंजाब के बारे में .पंजाब की मिट्टी के बारे ...मै कह बैठी बड़ा मन है "हीर " का हिन्दी अनुवाद पढ़ सकूँ किसी रोज़ .. गा सकूँ उसी शिद्दत से ......बोले दोस्त "हीर" पढ़ने /समझने के लिए हीर बनना पड़ेगा पहले ....बात आई -गई हो गई मगर मन में बार-बार कौंधती रही के हीरें तो उतरती हैं ..हीरें बनाई -बिगाड़ी कैसे जाएँ ?
एक फ़ितूर
ओ लड़की ,
दुआ करना ...
अस्पताल जाते वक़्त कहा था उसने
मै जुनूनी हो गया हूँ
मेरे वास्ते दुआ करना
औ देखना,
जो ठीक होकर आऊँगा
तुम्हे बिल्कुल भूल जाऊँगा
ओ लड़की दुआ करना
मेरे वास्ते दुआ करना..
वो लड़की
कतरा -कतरा घुलती रही
वो लड़की
मुसलसल दुआ करती रही..
चित्र -गूगल













